यशोदा मेडिसिटी ने रीढ़ और दर्द प्रबंधन कैम्प आयोजित कर कई लोगों को राहत पहुंचाई,दर्द और पीठ से जुड़ी बढ़ती समस्याओं के समाधान और जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक प्रभावी पहल।
गाज़ियाबाद, 20 जुलाई 2025: यशोदा मेडिसिटी, इंदिरापुरम ने एक विशेष रीढ़ और दर्द प्रबंधन शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस पहल को गाज़ियाबाद और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली, जो विशेष दर्द देखभाल के प्रति बढ़ती जागरूकता और ज़रूरत को दर्शाती है।
यह शिविर डॉ. नीरज जैन, निदेशक और प्रिंसिपल कंसल्टेंट, स्पाइन एंड पेन इंस्टीट्यूट, यशोदा मेडिसिटी, और डॉ. सुनील शर्मा, वरिष्ठ दर्द विशेषज्ञ के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इसमें पीठ दर्द, गर्दन में अकड़न, जोड़ों की समस्या और नसों से जुड़ी पुरानी तकलीफों पर केंद्रित सलाह व उपचार दिया गया। उपस्थित लोगों को निःशुल्क नैदानिक जांचों की सुविधा भी दी गई, जिनमें रक्तचाप, रक्त शर्करा और बोन मिनरल डेंसिटी (BMD) टेस्ट शामिल थे।
शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया, जिनमें से कई वर्षों से दर्द झेलने के बाद विशेषज्ञ सलाह के लिए पहुंचे थे। यह पहल यशोदा मेडिसिटी के सामुदायिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों के अंतर्गत थी, जो रोकथाम, समय पर पहचान और उन्नत उपचार पद्धतियों पर केंद्रित है।
डॉ. पी.एन. अरोड़ा, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, यशोदा मेडिसिटी ने कहा: “हमारी प्रतिबद्धता हमेशा यह रही है कि स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हों और लोगों की वास्तविक ज़रूरतों पर केंद्रित रहें। इस शिविर के ज़रिए हमारा उद्देश्य सीधे मरीज़ों तक पहुँचना था ताकि वे सही समय पर सही सलाह और इलाज प्राप्त कर सकें। शुरुआती जांच और समय पर इलाज जीवन की गुणवत्ता में बड़ा बदलाव ला सकता है।”
डॉ. नीरज जैन ने कहा: "कई मरीज़ सालों तक दर्द के साथ जीते हैं, बिना इसके कारण को पूरी तरह समझे या यह जाने बिना कि सर्जरी के बिना भी राहत मिल सकती है।अब पेनकिलर पर निर्भर रहना या चुपचाप दर्द सहना ज़रूरी नहीं है। बिना पेनकिलर के भी दर्द से मुक्ति पाना संभव है। इस शिविर ने हमें मरीज़ों से सीधे जुड़ने, उनकी चिंताओं को समझने और उन्हें सही इलाज के लिए मार्गदर्शन करने का मौका दिया। हमें जो प्रतिक्रिया मिली, उससे समुदाय में इस तरह के प्रयासों को लगातार जारी रखना बेहद आवश्यक है।”
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