शिक्षाविद राम दुलार यादव राजनीतिक चिंतक के नेतृत्व में भारत रत्न मिसाइल मैन पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि का आयोजन
दिनांक 27 जुलाई 2025 को लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट पंजीकृत द्वारा ज्ञानपीठ केंद्र 1 स्वरूप पार्क जीटी रोड साहिबाबाद की प्रांगण में संस्था के संस्थापक अध्यक्ष शिक्षाविद राम दुलार यादव राजनीतिक चिंतक के नेतृत्व में भारत रत्न मिसाइल मैन पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि का आयोजन किया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर देवकरण चौहान ने आयोजन इंजीनियर धीरेंद्र यादव ने संचालन श्रमिक नेता अनिल मिश्रा ने किया कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें स्मरण करते हुए उनके सम्मान में जोरदार नारे लगाए गए तथा कार्यक्रम में शामिल सभी साथियों ने उनके द्वारा सुझाए गए प्रेरणादायक विचार पर चलने का संकल्प लिया कार्यक्रम को जगन्नाथ प्रसाद, मोहम्मद ताहिर अली ने भी संबोधित किया गीतकार हुकुम सिंह, राजेंद्र सिंह ने राष्ट्रगीत सुना सभी को आत्मविभोर कर दिया ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा विद समाजवादी चिंतक राम दुलार यादव ने कहा कि डॉक्टर अब्दुल कलाम विलक्षण प्रतिभावान, सादगी, सरलता, ईमानदारी और नैतिकता की मिसाल रहे हैं आर्थिक दृष्टि से विपन परिवार में पैदा होने के बाद भी कठिन परिश्रम, अनुशासन, लगन से शिक्षा प्राप्त कर देश के सर्वोच्च पद को सुशोभित किया तथा रक्षा क्षेत्र में अनेकों महत्वपूर्ण अनुसंधान कर मिसाइल मैन बने, वह युवाओं के प्रेरणा स्रोत रहे हैं उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सपने वह नहीं जो सोते हुए रात में देखते हो सपना वह है जो तुम्हें सोने ना दे अपने लक्ष्य पर ध्यान दो यदि सूरज की तरह चमकना चाहते हो तो सूरज की तरह जलना सीखो तथा युवाओं को संदेश दिया है कि यदि तुम अपना भविष्य नहीं बदल सकते तो अपनी आदतें बदलो भविष्य अवश्य बदलेगा।
श्री यादव ने कहा की आज देश की दिशा और दशा बदली हुई है हम डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम साहब के सपनों का देश नहीं बना पाए हैं, आज भ्रष्टाचार झूठ लूट और नफरत का वातावरण बनाया जा रहा है बेरोजगारी और महंगाई चरम सीमा पर सुरसा की तरह मुंह बाय देश के सामने खड़ी है। तीन प्रतिशत लोगों का जीवन सुख में और 70 करोड़ से अधिक केवल जीडीपी के तीन परसेंट पर गुजर बसर कर रहे हैं। अब्दुल कलाम साहब के सपनों का भारत बने हमें सद्भाव भाईचारा प्रेम और सहयोग की भावना के साथ मिलकर काम करना होगा। यह नैतिक आचरण और ईमानदारी से ही संभव होगा।
डॉ एपीजे अब्दुल कलाम साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित करने वाले प्रमुख रहे रामदुलार यादव, ओम प्रकाश अरोड़ा, अनिल मिश्रा, रवि चौहान, शिव शंकर, देवकरण सिंह, सम्राट सिंह यादव, श्री एन जगन्नाथ प्रसाद, हुकुम सिंह, राजेंद्र सिंह, सत्यपाल, मुनीम राम,शंभू नाथ, एस तिवारी, भारत भूषण एडवोकेट, उधम सिंह, चिंतामणि यादव, अमृतलाल चौरसिया, इंजीनियर धीरेंद्र यादव, विजय मिश्रा, ताहिर अली, रामेश्वर यादव, हरिकृष्ण, प्रेमचंद पटेल आदि शामिल रहे
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